ELECTRICAL MOTOR ( वियुत मोटर )
यह (इलेक्ट्रिकल एनर्जी ) को यांत्रिक ऊर्जा (MECHANICAL ENERGY ) में बदलता है
DC मोटर में इनपुट DC दी जाती है
कार्य सिद्धांत :- किसी धारावाही चालक को चुम्बकीय क्षेत्र (MAGNETIC FIELD) में रखने पर एक बल का अनुभव करता है
मुख्य भाग :-
👉1 स्टेटर (STATOR ):- STATICS PART
👉2 रोटर (ROTOR ) :- ROTATING PART
👉3 कुंडली (COIL OR WINDING )
👉4. कम्यूटेटर (COMMUTATOR ) :- Changes AC to DC
👉👉👉👉 नोट :- commutator केवल DC मोटर ,universal motor और AC सीरीज मोटर में उपयोग होता है
👉इसका मतलब यूनिवर्सल मोटर और AC सीरीज AC और DC दोनों पर कार्य करती है
DC मोटर का मुख्य कार्य :- खिचाव ( Traction ) कार्य में होता है
और उच्च टार्क के लिए भी
DC . मोटर दो प्रकार के होते है
१ SELF EXCITED २. SEPARATED मोटर
1. Self Excited मोटर :- इनको स्टार्ट करने के लिए किसी बाह्य स्रोत की आवश्यकता नहीं होती है मतलब ये self स्टार्टिंग मोटर होती है
२. इनको स्टार्ट करने के लिए बाह्य स्रोत की आवश्यकता होती है मतलब ये self स्टार्टिंग मोटर नहीं होता है।
नोट :- Excitation :- बाह्य DC स्रोत लगाकर फील्ड वाइंडिंग को एक्साइट (उत्तेजित ) करना।
DC मोटर के प्रकार (types of DC motor )
👉1.DC शंट मोटर
👉2.DC सीरीज मोटर
👉3.DC कंपाउंड मोटर
a. डिफ्रेंशियल कंपाउंड मोटर b . क्युमुलेटिव कंपाउंड मोटर
DC शंट मोटर (constant flux dc motor)
इसमें २ प्रकर की वाइंडिंग होती है
१. शंट वाइंडिंग (शंट फील्ड वाइंडिंग )
२. आर्मेचर वाइंडिंग
नोट :- शंट फील्ड वाइंडिंग और आर्मेचर वाइंडिंग दोनों समान्तर (parallel ) में जुड़े होते है.
shunt मोटर में फ्लक्स का मान नियत रहता है..
